दैनिक काशी पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग एवं शुभ मुहूर्त (वाराणसी)
卐
सूर्य-चंद्र गणना, पंचांग के पांच अंग (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) एवं दिन-रात का चौघड़िया।
वाराणसी (काशी) • अक्षांश: २५.३२° उ., देशांतर: ८२.९९° पू.
रविवार, अश्विन (क्वार) (कृष्ण पक्ष)
विक्रम संवत २०८३ (कालयुक्त) | शक संवत १९४८
सूर्योदय / सूर्यास्त:प्रातः ०५:५७ | सायं १७:५९
१. तिथि (Tithi)द्वादशीसायं काल तक
२. नक्षत्र (Nakshatra)अनुराधारात्रि पर्यन्त
३. योग (Yoga)विष्कम्भशुभ फलदायी
४. करण (Karana)बवप्रथम व द्वितीय
५. वार (Day)रविवारसूर्य संक्रांति: कन्या राशि
शुभ एवं अमृत मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त (श्रेष्ठ समय):दोपहर ११:३४ से १२:२२ तक
गुलिक काल:१४:५८ से १६:२९
ब्रह्म मुहूर्त:प्रातः ०४:१२ से ०४:५८ तक
अशुभ काल (महत्वपूर्ण कार्य वर्जित)
राहुकाल (Rahu Kaal):१६:२९ से १७:५९ (अशुभ काल)
यमगण्ड:दोपहर ०२:०० से ०३:३० तक
दुर्मुहूर्त:प्रातः ०८:२४ से ०९:१२ तक
दिन का चौघड़िया मुहूर्त (Day Choghadiya)
उद्वेग (सूर्य)अशुभ
०५:५७ - ०७:२८
चर (शुक्र)शुभ
०७:२८ - ०८:५८
लाभ (बुध)शुभ
०८:५८ - १०:२८
अमृत (चंद्र)सर्वोत्तम
१०:२८ - ११:५८
काल (शनि)अशुभ
११:५८ - १३:२८
शुभ (गुरु)शुभ
१३:२८ - १४:५८
रोग (मंगल)अशुभ
१४:५८ - १६:२९
उद्वेग (सूर्य)अशुभ
१६:२९ - १७:५९
क्या आप किसी विशिष्ट कार्य (विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार उद्घाटन) हेतु व्यक्तिगत शुभ मुहूर्त निकलवाना चाहते हैं?
मुहूर्त निर्धारण परामर्श बुक करें